सेन्सस-2021 में सभी वर्गों की होनी चाहिए जातिवार जनगणना
लखनऊ 09 दिसम्बर, 2021। समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चै0 लौटन निषाद ने यहां जारी अपने बयान में केन्द्र की भाजपा सरकार पर संघ लोक सेवा आयोग ;यूपीएससीद्ध को निष्प्रभावी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिना प्रतियोगी परीक्षा में शामिल किये केन्द्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 89 लोगों को आई0ए0एस0 लेटरिल इण्ट्री द्वारा बना दिया गया। उन्होंने बताया कि यूपीएससी ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2019 के लिये 4 जनवरी को रिजर्व सूची के तहत 89 उम्मीदवारों की लिस्ट को जारी किया है।
केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ;डी0ओ0पी0पी0द्ध की मांग के अनुसार 89 अतिरिक्त उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुशंसा की गयी है। जो यू0पी0एस0सी0 के सम्मान व निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह है। संघ नियंत्रित भाजपा सरकार यू0पी0एस0सी0 को निष्प्रभावी करने के षड़यंत्र में जुटी हुयी है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रधान परीक्षा के परिणामों की घोषणा विगत-4 अगस्त, 2020 को करते हुए 927 रिक्तियों के लिए 829 उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुशंसा करते हुए डी0ओ0पी0टी0 को सूची दिया था। यूपीएससी द्वारा 4 जनवरी को जारी नोटिस के अनुसार रिजर्व सूची में सम्मिलित किये गये 89 उम्मीदवारों में से 83 सामान्य वर्ग के, 14 ओ0बी0सी0 के एवं 1-1 एस0सी0 व ई0डब्लू0एस0 श्रेणी के है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा अनुच्छेद-15;4द्ध व 16;4द्ध की व्यवस्था को निष्प्रभावी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार संविधान के विरू( काम कर रही है।
निषाद ने केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय एवं इसके अधीन महापंजीयक भारत सरकार एवं जनगणना आयुक्त से सेन्सस-2021 की जातिवार जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि केन्द्र सरकार किन्नरों की जनगणना कराती है लेकिन ओ0बी0सी0 की जनगणना कराने से पीछे हट जाती है। 2011 की जनगणना में ओ0बी0सी0 की जनगणना कराने का कांग्रेस नीत सरकार ने संसद के अन्दर वायदा किया था। लेकिन जब जनगणना प्रक्रिया शुरू हुयी तो जनगणना परिपत्र से ओ0बी0सी0 का कालम हटा दिया गया। 15 जून, 2016 को भारत सरकार ने एस0सी0, एस0टी0, धार्मिक अल्पसंख्यक ;मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन, बौ(, पारसी, यहूदी, रेसलर आदिद्ध के साथ-साथ दिव्यांग व ट्रांस जेण्डर/थर्ड जेण्डर या किन्नर की जनसंख्या घोषित कर दी गयी। लेकिन ओ0बी0सी0 की जनसंख्या को उजागर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब किन्नरों की जनगणना हो सकती है तो अगड़ो व पिछड़ों की क्यों नहीं? भाजपा सरकार गाय को आधार कार्ड देने एवं कछुआ, डालफिन, भालू, शेर आदि की जनगणना कराती है तो ओ0बी0सी0 को क्यों नहीं? तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 2018 में जनगणना विभाग के अधिकारियों की बैठक में ओ0बी0सी0 की जनगणना कराने का वायदा किये थे लेकिन सेन्सस-2021 में भी ओ0बी0सी0 की जनगणना संदिग्ध दिखायी दे रही है।
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