कठौरा, अमेठी|सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन 'आत्मा' योजना अंतर्गत मत्स्य पालक कृषक प्रशिक्षण। विदइन डिस्ट्रिक्ट एट के. वी. के, एक दिवसीय मत्स्य पालक कृषक प्रशिक्षण गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा में संपन्न हुआ । जिसमें मत्स्य पलकों, मछुआरों की आय कैसे दुगनी हो इस पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। समन्वित कृषि प्रणाली, तालाब के बांधों का उपयोग कर पपीता, अमरूद, अरहर, परवल की खेती और तालाब मे मचाना बनाकर बतख पाल कर मछुवा किसान अपनी आय को दुगुना कर सकते हैं।
प्रशिक्षण में बताया गया कि तालाबों में ऑक्सीजन की कमी के कारण तालाब में मछलियां मरने लगती हैं जिसके उपचार हेतु बुझे हुए चूने का प्रयोग किया जाना चाहिए व लाल दवा का छिड़काव करना चाहिए।पानी का लेवल साल भर पांच फीट रहना चाहिए जिससे ऑक्सीजन की कमी ना हो।खरपतवार, जलकुम्भी समय समय पर निकालते रहना चाहिए। मत्स्य पालको को मत्स्य पालन संबंधी नवीनतम तकनीकी ज्ञान से अवगत कराया और अधिक लोगों को मत्स्य पालन करने के लिए उत्साहित करते हुए कहा कि कम जमीन कम पैसा खर्च करके मछली पालन करके परिवार की आजीविका चलाई जा सकती हैं। इस मौके पर डॉ. आर के आनंद, डॉ ओपी सिंह, ए डी एफ ए के शुक्ला, एस बी सिंह जी ,श्री राम राज निषाद जी अनिरुद्ध कुमार वर्मा, रामू मौर्य, राजू कश्यप सहित सैकड़ों मत्स्य पालक मौजूद रहे।