Saturday, 27 February 2021

पिछड़ा-अतिपिछड़ा के नाम पर भाजपा करती है नफरत की राजनीति- लौटन राम निषाद

सन्तशिरोमणि रविदास जयंती पर अज्ञानता,अशिक्षा को दूर करने का आह्वान

     आजमगढ़,27 फरवरी।आरएसएस नियंत्रित भाजपा शुरू से ही नफरत की राजनीति करती है। पिछड़ों दलितों में फूट डालो और शासन करो की नीति अपनाकर मतलब साधती रही है। भाजपा पर नफरत की राजनीति का अरोप लगाते हुए *पूर्व सांसद रमाकांत यादव* ने कहा कि भाजपा पिछड़ा-अतिपिछड़ा के नाम पर राजनीति करना बंद करें। वोट बैंक के लिए हिन्दू व हिन्दूत्व की बात करती है। परन्तु जब हक अधिकार, सम्मान व प्रतिनिधित्व की बात आती है तो हिन्दूत्व का राग अलापना शुरू कर देती है।उन्होंने फूलपुर क्षेत्रान्तर्गत बनहर मयचक गजड़ी में ओमप्रकाश निषाद प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित सन्तशिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर आह्वान करते समाज के समग्र विकास व उत्थान के लिए परिवार व समाज को बढाने के लिए शिक्षा को गले लगाएं। कहा कि अशिक्षा, अज्ञानता, अंधविश्वास, जीर्ण शीर्ण सामाजिक व धार्मिक कुरीतियों के कारण पिछड़ा-दलित वर्ग पिछड़ गया है।
         समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि सामाजिक न्याय समिति-2001 के अनुसार उ०प्र० के जातिगत समीकरण में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 54.05 प्रतिशत, अनुसूचित जाति की आबादी 24.94 प्रतिशत, सामान्य वर्ग (हिन्दू-मुस्लिम - सवर्ण) की आवादी-20.95 प्रतिशत व अनुसूचित जनजातियों की आबादी-0.06 प्रतिशत थी भाजपा सामाजिक न्याय व संवैधानिक मूल्यों की पक्षधर है तो उक्त वर्गों को सभी स्तरों पर समानुपातिक आरक्षण कोटा देने का कदम उठाये । उन्होंने बताया कि पिछड़े वर्ग की जातियों में 12.91 प्रतिशत निषाद/मछुआ समुदाय की जातियां, 10.49 प्रतिशत यादव, 4 85 प्रतिशत कुशवाहा/मौर्य, 4.01 प्रतिशत कुर्मी, 3.60 प्रतिशत लोधी, 2.38 प्रतिशत पाल बघेल, 1.72 प्रतिशत जाट, 1.61 प्रतिशत साहू-तेली, 1.31 प्रतिशत राजभर, 1.26 प्रतिशत चौहान, 1.72 प्रतिशत विश्वकर्मा, 1.38 प्रतिशत प्रजापति, 1.11 प्रतिशत नाई जाति की आबादी के साथ अनुसूचित जातियों में 11.79 प्रतिशत चमार जाटव व 3.87 प्रतिशत पासी जाति की आबादी थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा व संघ के डी०एन०ए० में सामाजिक न्याय व नैतिक मूल्य नाम की चीज नहीं है। संविदा व आउटसोर्सिंग के द्वारा आरक्षण का हक मारा जा रहा है। जिनके डी०एन०ए० में ही| पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों की हक मारी रही है, उससे हकदारी की कल्पना करना न समझी है ।
       निषाद ने कांग्रेस व भाजपा को एक ही सिक्के का दो पहलू बताते हुए कहा कि दोनों दल पिछड़े वर्ग के सामाजिक न्याय के मुद्दे पर समान नजरिया अपनाती है। कांग्रेस ने काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया तो कांग्रेस और भाजपा दोनों ने मिलकर मण्डल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने में अड़ंगेवाजी खडा किया। मण्डल विरोधी भाजपा व कांग्रेस किसी भी सूरतेहाल में पिछड़े वर्ग की हितेशी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सपा हकदारी की बात करती है, समाजवादी पार्टी की सरकारों ने सभी वर्गों के साथ विना भेद भाव के जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया। शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति योजना, लैपटॉप वितरण, कन्या विद्या धन, समाजवादी पेंशन, बेरोजगारी भत्ता जसी जन कल्याणकारी योजनाओं को बिना भेद भाव के पात्र लोगों तक पहुँचाया। भाजपा सरकार ने तो छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की योजना में पिछड़ों दलितों के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया भाजपा नहीं चाहती की पिछड़े दलित वर्ग का बच्चा अच्छी शिक्षा पाये और नौकरियों में प्रतिनिधित्व पाये जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी की बात करते हुए निषाद ने सेन्सस-2021 में सभी जातियों की जातिगत जनगणना कराये जाने की मांग की है।
       कार्यक्रम का संचालन बेदप्रकाश यादव व धन्यवाद ज्ञापन कमलेश य्यादव ने किया।समारोह को रमेश निषाद, कु. सपना निषाद, रामनिहोर प्रधान, संजय यादव, धर्मप्रकाश निषाद, राजेन्द्र गौतम,बृजेश यादव, सुरेंद्र यादव आदि ने सम्बोधित किया।

मत्स्य पालक कृषक प्रशिक्षण। विदइन डिस्ट्रिक्ट एट के. वी. के

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